एक दोस्त चाहिए…


ना ज़मीन, ना सितारे, ना चाँद, ना रात चाहिए,
दिल मे मेरे, बसने वाला किसी दोस्त का प्यार चाहिए,

ना दुआ, ना खुदा, ना हाथों मे कोई तलवार चाहिए,
मुसीबत मे किसी एक प्यारे साथी का हाथों मे हाथ चाहिए,

कहूँ ना मै कुछ, समझ जाए वो सब कुछ,
दिल मे उस के, अपने लिए ऐसे जज़्बात चाहिए,

उस दोस्त के चोट लगने पर हम भी दो आँसू बहाने का हक़ रखें,
और हमारे उन आँसुओं को पोंछने वाला उसी का रूमाल चाहिए,

मैं तो तैयार हूँ हर तूफान को तैर कर पार करने के लिए,
बस साहिल पर इन्तज़ार करता हुआ एक सच्चा दिलदार चाहिए,

उलझ सी जाती है ज़िन्दगी की किश्ती दुनिया की बीच मँझदार मे,
इस भँवर से पार उतारने के लिए किसी के नाम की पतवार चाहिए,

अकेले कोई भी सफर काटना मुश्किल हो जाता है,
मुझे भी इस लम्बे रास्ते पर एक अदद हमसफर चाहिए,

यूँ तो ‘मित्र’ का तमग़ा अपने नाम के साथ लगा कर घूमता हूँ,
पर कोई, जो कहे सच्चे मन से अपना दोस्त, ऐसा एक दोस्त चाहिए……..

जब मैं छोटा था..!

जब मैं छोटा था,

शायद दुनिया बहुत बड़ी हुआ करती थी…

मुझे याद है मेरे घर से “स्कूल” तक का वो रास्ता,

क्या क्या नहीं था वहां,

छत के ठेले, जलेबी की दुकान, बर्फ के गोले, सब कुछ,

अब वहां “मोबाइल शॉप”, “विडियो पार्लर” हैं, फिर भी सब सूना है….

शायद अब दुनिया सिमट रही है……

जब मैं छोटा था,

शायद शामे बहुत लम्बी हुआ करती थी….

मैं हाथ में पतंग की डोर पकडे, घंटो उडा करता था,

वो लम्बी “साइकिल रेस”, वो बचपन के खेल,

वो हर शाम थक के चूर हो जाना,

अब शाम नहीं होती, दिन ढलता है और सीधे रात हो जाती है……….

शायद वक्त सिमट रहा है……..

जब मैं छोटा था,

शायद दोस्ती बहुत गहरी हुआ करती थी,

दिन भर वो हुज़ोम बनाकर खेलना,

वो दोस्तों के घर का खाना, वो लड़किया, वो साथ रोना,

अब भी मेरे कई दोस्त हैं, पर दोस्ती जाने कहाँ है,

जब भी “ट्रेफिक सिग्नल” पे मिलते हैं “हाई” करते हैं,

और अपने अपने रास्ते चल देते हैं,

शायद अब रिश्ते बदल रहें हैं……

जिन्दगी,रिश्ते,प्यार,किस्मत!

बहते अश्को की ज़ुबान नही होती,

लफ़्ज़ों मे मोहब्बत बयां नही होती,

मिले जो प्यार तो कदर करना,

किस्मत हर कीसी पर मेहरबां नही होती.

अपने दिल को पत्थर का बना कर रखना ,

हर चोट के निशान को सजा कर रखना ।

उड़ना हवा में खुल कर लेकिन ,

अपने कदमों को ज़मी से मिला कर रखना ।

छाव में माना सुकून मिलता है बहुत ,

फिर भी धूप में खुद को जला कर रखना ।

उम्रभर साथ तो रिश्ते नहीं रहते हैं ,

यादों में हर किसी को जिन्दा रखना ।

वक्त के साथ चलते-चलते , खो ना जाना ,

खुद को दुनिया से छिपा कर रखना ।

रातभर जाग कर रोना चाहो जो कभी ,

अपने चेहरे को दोस्तों से छिपा कर रखना ।

तुफानो को कब तक रोक सकोगे तुम ,

कश्ती और मांझी का पता याद रखना ।

हर कहीं जिन्दगी एक सी ही होती हैं ,

अपने ज़ख्मों को अपनो को बता कर रखना ।

मन्दिरो में ही मिलते हो भगवान जरुरी नहीं ,

हर किसी से रिश्ता बना कर रखना ………..

Is the world bad or Your window dirty?

One meeting with a Cute Girl ( I don’t wanna to publish her Name) and an hour long discussion that followed gave me quite some perspectives about my own behavior. The gist of the discussion was that while looking at the world outside and people around us, we tend to make hasty judgments.
Leadership has the personal aspect of looking from inside out. We should step back and ask ourselves why is that behavior so? Is it really the case that our ‘Window’ to the world is dirty itself rather than the world outside….

Is She the Girl for Me?

It all started during My Graduation. I met this girl through a close friend i used to College with. It all started as a big joke but turned out to be real. The girl was so shy, couldn’t think she’d make me happy, but she proved me wrong. She was the best thing that ever happened to me. She made my life so fun and real, through her i got to know what love is…
Things went so well with us but then, i got admission in another City and She also got a job, hence our love turned out to be long distance. I know what i feel for her is real and great, but am not sure ready to settle with her. I m 23 years old,nd i am not ready to settle down with her.I also think my dad won’t accept her, and am also not ready to be disappointed, should i take the risk or should i move on, and wait for fate to offer me something better? I love her sooo very much…..

I am very Happy

It is the 1st time for Me to start Blogging.

I am Felling soo happy.

I can’t say how much Excitement i have right now. I am Pursuing

MCA-M.Tech in India.
Today I am blogging All credits goes to My Dear Friend Mr. Intekhab Khan (He is Not a terrorist).
I inspired by his blog intekhab online .
Sometimes I was thinking after creation of Blog what will I write,
Becoz I don’t have any such type of Idea related blogging. But I am
Enjoying right now…….

Hello Frnds!!!!!

Hiiiiiiii frnds…..

Welcome to My Blog. This is My first post.
I am going to start blogging….
And I hope You will always with ME…